हैदराबाद में धार्मिक आयोजन कैटरिंग: घर का आयोजन, साथ खाना खाने बैठे मेहमान और फूलों से सजा पूजा स्थान

इवेंट्स

हैदराबाद में धार्मिक आयोजन कैटरिंग

अक़ीक़ा, मीलाद, सत्यनारायण व्रत और गृह प्रवेश, जैसे आपका परिवार और समुदाय चाहता है वैसी कैटरिंग।

इवेंट्स

अपने नियमों वाले आयोजन

हैदराबाद में धार्मिक आयोजनों की कैटरिंग शादी की कैटरिंग का छोटा रूप नहीं है। हर मौक़े का अपना वक़्त, अपने मेन्यू की उम्मीदें और अपना अदब होता है: खाना कब परोसा जा सकता है, उसमें क्या होना या नहीं होना चाहिए, मेहमान कैसे बैठते हैं, और मेज़बान बुज़ुर्गों की देखभाल कैसे चाहते हैं। पैमाने से ज़्यादा ये बातें सही होना मायने रखता है।

नीचे वे चार मौक़े हैं जिनके बारे में परिवार हमसे सबसे ज़्यादा पूछते हैं, और हम हर एक को कैसे संभालते हैं। इन आयोजनों में मेहमानों की गिनती घर पर कुछ परिवारों से लेकर रिश्तेदारों से भरे हॉल तक होती है, और हम टीम को उसी हिसाब से बढ़ाते हैं।

अगर दरवाज़े पर या पूजा स्थान में फूल चाहिए, तो फूलों की सजावट देखिए। उसी वक़्त के आसपास बड़े पारिवारिक जश्न के लिए जन्मदिन और सालगिरह देखिए।

सांभर, चावल और मिठाई के साथ केले के पत्तों पर परोसा गया शाकाहारी भोजन
बड़े पारिवारिक आयोजन के लिए फ़र्श पर बैठने और दस्तरख़्वान वाला कम्युनिटी हॉल

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हर अवसर खाने से क्या अपेक्षा रखता है

हर परिवार इन्हें अपने तरीक़े से करता है। हर एक के बारे में मोटे तौर पर जो सच है वह यहाँ है, और वे बातें भी जो हम पूछते हैं ताकि आपका तरीक़ा सही समझ सकें।

अक़ीक़ा

नवजात का स्वागत, रिवाज़ के मुताबिक़ सातवें दिन के आसपास; बच्चे के बाल उतारे जाते हैं और क़ुर्बानी दी जाती है। गोश्त रिश्तेदारों, पड़ोसियों और ज़रूरतमंदों में बाँटा जाता है।

हम पूछेंगे

  • क्या मांस परिवार लाएगा, या हम?
  • क्या कुछ हिस्सा बाँटने के लिए पैक किया जाए?
  • कितने मेहमान, और घर पर या हॉल में?
मीलाद

पाठ और ज़िक्र की महफ़िल। पाठ ख़त्म होने के बाद खाना, अक्सर मिठाई के साथ।

हम पूछेंगे

  • पाठ कब ख़त्म होता है?
  • फ़र्श पर बैठना या टेबल?
  • पूरा खाना, या मिठाई और हल्का नाश्ता?
सत्यनारायण व्रत

पूजा के बाद वहाँ मौजूद सबमें प्रसाद बाँटा जाता है। खाना शाकाहारी होता है, और कई परिवार उसे बिना प्याज़-लहसुन के रखते हैं।

हम पूछेंगे

  • पूजा किस समय है?
  • क्या प्रसाद परिवार बनाएगा या हम?
  • सात्विक, बिना प्याज़ और लहसुन के?
गृह प्रवेश

तय शुभ मुहूर्त पर नए घर में प्रवेश, पूजा के साथ और अक्सर नए किचन में दूध उबालने के साथ। इसके बाद रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए शाकाहारी भोजन।

हम पूछेंगे

  • मुहूर्त का समय क्या है?
  • क्या नया किचन इस्तेमाल के लिए तैयार है, या हम कहीं और पकाएँ?
  • सिर्फ़ शाकाहारी या दोनों?

अगर आपके परिवार में कोई ऐसा रिवाज़ है जो यहाँ नहीं लिखा, तो हमें बताइए। हम अंदाज़ा लगाने से बेहतर पूछना समझते हैं।

हैदराबाद में अक़ीक़ा कैटरिंग

अक़ीक़ा नवजात के लिए मनाया जाता है, और परिवार आमतौर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों को साथ खाने पर बुलाते हैं। मेन्यू अक्सर नॉन-वेज होता है, गोश्त के पकवानों और Biryani के आसपास, पर हर परिवार का अपना तरीक़ा होता है।

गोश्त का इंतज़ाम आप कैसे करना चाहते हैं और कितने मेहमान होंगे, यह बताइए; उसी हिसाब से हम मेन्यू, पकाना और परोसना तय करते हैं। घर या हॉल में सादी सजावट भी कर सकते हैं।

अक़ीक़ा के खाने के लिए बैठा परिवार और टेबल पर Biryani की बड़ी थालियाँ

हैदराबाद में मीलाद कैटरिंग

मीलाद की महफ़िल पाठ, दुआ और ज़िक्र पर टिकी होती है, और खाना उसके बाद होता है। वक़्त की अहमियत है: महफ़िल ख़त्म होते ही मेहमानों को बिना शोर और पाठ में ख़लल डाले जल्दी खाना परोसा जाना चाहिए।

परोसने का वक़्त हम आपके साथ तय करते हैं, इंतज़ाम सादा और अदब वाला रखते हैं, और आपके परिवार की पसंद के हिसाब से फ़र्श पर या टेबल पर बैठने का इंतज़ाम करते हैं।

क़ालीनों और बैठे मेहमानों के साथ सजे हॉल में मीलाद की महफ़िल

हैदराबाद में सत्यनारायण व्रत कैटरिंग

सत्यनारायण व्रत एक हिंदू पूजा है, जिसके बाद प्रसाद और शाकाहारी भोजन होता है। कई घर बिना प्याज़-लहसुन का सात्विक मेन्यू पसंद करते हैं, और हम उसी हिसाब से प्लान करते हैं।

पूजा का समय और मेहमानों की गिनती बताइए; हम प्रसाद, भोजन और परोसने का इंतज़ाम ऐसे करते हैं कि परिवार पूजा पर ध्यान दे सके।

केले के पत्तों, फूलों और पीतल के दीयों के साथ सत्यनारायण व्रत का पूजा स्थान

हैदराबाद में गृह प्रवेश कैटरिंग

गृह प्रवेश, यानी नए घर में प्रवेश का समारोह, तय शुभ मुहूर्त पर होता है, और उसके बाद रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए खाना। मेन्यू आमतौर पर शाकाहारी होता है, हालाँकि कुछ परिवार दोनों परोसते हैं।

हम समारोह के वक़्त के हिसाब से खाना प्लान करते हैं, आपके नए घर या पास के हॉल में सेटअप लगाते हैं, और उस दिन के लिए दरवाज़े पर फूल और सादी सजावट भी जोड़ सकते हैं।

आम के पत्तों के तोरण, रंगोली और सजे प्रवेश के साथ गृह प्रवेश का दरवाज़ा

हम धार्मिक आयोजनों की कैटरिंग कहाँ करते हैं

घर पर

इनमें से ज़्यादातर आयोजन घर पर होते हैं, और हम घर के हिसाब से किचन, जगह और परोसने का इंतज़ाम प्लान करते हैं।

कम्युनिटी और फ़ंक्शन हॉल

बड़े जमावड़े हॉल में चले जाते हैं जहाँ पूरे परिवार के बैठने की जगह हो।

अपार्टमेंट क्लबहाउस

क्लबहाउस मध्यम जमावड़ों के लिए ठीक हैं, पर पकाने और वक़्त के उनके अपने नियम होते हैं।

पूरे हैदराबाद और तेलंगाना में

हम पूरे शहर और आसपास के ज़िलों में सेवा देते हैं। पूछते वक़्त जगह बताइए।

बुक करने से पहले जानने लायक बातें

मेन्यू
शाकाहारी, नॉन-वेज या सात्विक, जैसा मौक़े के लिए ज़रूरी हो।
समय
हम नमाज़, पूजा और मुहूर्त के वक़्त के हिसाब से प्लान करते हैं।
मेहमानों की संख्या
घर पर कुछ परिवारों से लेकर रिश्तेदारों से भरे हॉल तक।
व्यवस्था
घर पर, हॉल में या क्लबहाउस में।

हमारा काम

अक़ीक़ा के खाने के लिए बैठा परिवार और टेबल पर Biryani की बड़ी थालियाँ
क़ालीनों और बैठे मेहमानों के साथ सजे हॉल में मीलाद की महफ़िल
केले के पत्तों, फूलों और पीतल के दीयों के साथ सत्यनारायण व्रत का पूजा स्थान
आम के पत्तों के तोरण, रंगोली और सजे प्रवेश के साथ गृह प्रवेश का दरवाज़ा
सांभर, चावल और मिठाई के साथ केले के पत्तों पर परोसा गया शाकाहारी भोजन
बड़े पारिवारिक आयोजन के लिए फ़र्श पर बैठने और दस्तरख़्वान वाला कम्युनिटी हॉल

क़ीमत

क़ीमत किन बातों पर निर्भर करती है

  • मेहमानों की संख्या

    खाने की मात्रा और स्टाफ़ तय करने वाली मुख्य बात।

  • मेन्यू का प्रकार

    गोश्त वाले, शाकाहारी और सात्विक मेन्यू की सामग्री और तैयारी अलग होती है।

  • स्थान

    घर की किचन के इंतज़ाम और हॉल के इंतज़ाम की ज़रूरतें अलग होती हैं।

  • परोसने का तरीका

    बुफ़े, फ़र्श पर बैठकर खाना या टेबलों पर परोसना स्टाफ़ बदल देते हैं।

  • डेकोरेशन के अतिरिक्त काम

    दरवाज़े के फूल, पूजा स्थान की सजावट और बैठने का इंतज़ाम प्लान में जुड़ते हैं।

  • समय

    सुबह जल्दी या सटीक मुहूर्त का वक़्त स्टाफ़िंग पर असर डालता है।

इनके साथ अच्छा लगता है

  • हैदराबाद में शादी के वेन्यू के प्रवेश पर सफ़ेद गुलाब और चमेली की लड़ियों का आर्च

    फूलों की सजावट

    प्रवेश, स्टेज, गाड़ियों और टेबलों के लिए ताज़े और मिले-जुले फूलों की सजावट।

सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आप अक़ीक़ा के आयोजनों की कैटरिंग करते हैं?

जी हाँ। मेहमानों की गिनती और गोश्त का इंतज़ाम कैसे होगा, यह बताइए; उसी हिसाब से हम मेन्यू, पकाना और परोसना प्लान करते हैं।

क्या आप मीलाद की महफ़िल के लिए खाना परोस सकते हैं?

जी हाँ। हम महफ़िल के बाद आपके साथ तय किए वक़्त पर, सादे और अदब वाले इंतज़ाम के साथ परोसते हैं।

क्या आप सत्यनारायण व्रत के लिए सात्विक मेन्यू बना सकते हैं?

जी हाँ। आप अपनी पसंद बताइए तो हम बिना प्याज़-लहसुन का शाकाहारी सात्विक भोजन और प्रसाद प्लान कर सकते हैं।

क्या आप गृह प्रवेश के भोजन संभालते हैं?

जी हाँ। हम मुहूर्त के वक़्त के हिसाब से खाना प्लान करते हैं और दरवाज़े के फूल व सादी सजावट भी जोड़ सकते हैं।

सभी सवाल देखें

तारीख़ बताइए। बाक़ी हम देख लेंगे।

सुबह 9 से रात 9 बजे के बीच किसी भी दिन, दो घंटे के भीतर पूरा कोटेशन पाइए।